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बुधवार, 17 जून 2020

भारत और चीन विवाद पर क्या बोले donald trump और Narendra मोदी?

भारत और चीन विवाद पर क्या बोले donald trump और Narendra मोदी?


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भारत-चीन सीमा विवादः ट्रंप बोले-बड़ा टकराव, दो देश और प्रत्येक की आबादी 1.4 अरब, दोनों के पास शक्तिशाली सेनाएं हैं


कोविड-19 संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज फिर मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। मंगलवार को पीएम की 21 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वार्ता हुई। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हिस्सा लेंगी या नहीं इस पर सस्पेंस बना हुआ है। मंगलवार की बैठक में पीएम ने अर्थव्यवस्था पर जोर दिया। देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम की यह छठवीं बैठक है। आज की बैठक में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, तमिलनाडु, गुजरात के मुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं। पीएम ने कल कहा कि अर्थव्यवस्था में अब 'ग्रीन शूट्स' दिखने लगे हैं।

PM मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक Live


चीन को दिया करारा जवाब

प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं देशवासियों को भरोसा देना चाहूंगा कि हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। हमारे लिए देश की एकता एवं संप्रभुता सबसे ज्यादा अहमियत रखती है। भारत शांति चाहता है लेकिन उसे उकसाया गया तो वह करारा जवाब देने की क्षमता रखता है।' 



बता दें कि गलवान घाटी में सोमवार रात हुई हिंसा में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए हैं।




भारत-चीन सीमा विवादः ट्रंप बोले-बड़ा टकराव, दो देश और प्रत्येक की आबादी 1.4 अरब, दोनों के पास शक्तिशाली सेनाएं हैं


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भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर मध्यस्थता करने की पेशकश दोहराते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की जो दोनों देशों के बीच ‘‘बड़े टकराव’’ को लेकर ‘‘अच्छे मूड’’ में नहीं है।

व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि भारत और चीन के बीच एक ‘‘बड़ा टकराव’’ चल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में मुझे पसंद किया जाता है। मुझे लगता है कि इस देश में मीडिया मुझे जितना पसंद करता है उससे कहीं अधिक पसंद मुझे भारत में किया जाता है और मैं मोदी को पसंद करता हूं। मैं आपके प्रधानमंत्री को बहुत पसंद करता हूं। वह बहुत ही सज्जन व्यक्ति हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह भारत और चीन के बीच सीमा पर बने हालात से चिंतित हैं, इस पर राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘भारत और चीन के बीच बड़ा टकराव है। दो देश और प्रत्येक की आबादी 1.4 अरब। दो देश जिनके पास बहुत शक्तिशाली सेनाएं हैं। भारत खुश नहीं है और संभवत: चीन भी खुश नहीं है।’’ ट्रम्प ने कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। चीन के साथ जो भी चल रहा है वह उससे खुश नहीं हैं।’’ इससे एक दिन पहले उन्होंने भारत और चीन के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी।

ट्रम्प ने ट्वीट किया कि वह दोनों देशों के बीच ‘‘मध्यस्थता करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम’’ हैं। इस ट्वीट पर एक सवाल के जवाब में ट्रम्प ने अपनी पेशकश दोहराते हुए कहा कि अगर मदद के लिए बुलाया गया तो मैं मध्यस्थता करुंगा। अगर उन्हें लगता है कि इससे मदद मिलेगी तो मैं यह करुंगा। पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच गतिरोध जारी रहने के बीच भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि सीमा पर तनाव कम करने के लिये चीनी पक्ष के साथ बातचीत चल रही है। भारत की इस सधी हुई प्रतिक्रिया को इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश को एक तरह से अस्वीकार करने के रूप में देखा जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आनलाइन माध्यम से पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, ‘‘हम इसके शांतिपूर्ण ढंग से समाधान के लिए चीनी पक्ष के साथ बात कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में उत्पन्न हो सकने वाली स्थितियों का वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण समाधान करने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तरों पर तंत्र स्थापित किए हैं और इन माध्यमों से चर्चा जारी रहती है।’’ बहरहाल चीन के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के ट्वीट पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। चीन के सरकारी ग्लोबल टाइम्स अखबार ने एक संपादकीय में कहा कि दोनों देशों को अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से ऐसी किसी मदद की आवश्यकता नहीं है। इसमें कहा गया है, ‘‘यह हालिया विवाद चीन और भारत द्विपक्षीय रूप से हल कर सकते हैं।

दोनों देशों को अमेरिका को लेकर सतर्क रहना चाहिए जो क्षेत्रीय शांति और व्यवस्था को खतरे में डालने के लिए हर मौके का फायदा उठाता है।’’ ट्रम्प ने मध्यस्थता की यह अप्रत्याशित पेशकश तब की जब चीन ने नरम रुख अपनाते हुए कहा कि भारत के साथ सीमा पर हालात ‘‘पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण योग्य’’ हैं।

बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने बुधवार को कहा था कि चीन और भारत के पास सीमा से संबंधित अच्छा तंत्र और संचार माध्यम हैं और वे बातचीत तथा विचार-विमर्श के जरिए मुद्दों को सुलझाने में सक्षम हैं। ट्रम्प ने पहले कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी जिसे नयी दिल्ली ने अस्वीकार कर दिया था।

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