Eid ul zuha kyon manai jaati hai , ईद उल ज़ुहा क्यों मनाई जाती है। - Reflexyouruff.com - All hindi me.

Breaking

Follow by Email

Translate

शनिवार, 27 जून 2020

Eid ul zuha kyon manai jaati hai , ईद उल ज़ुहा क्यों मनाई जाती है।


Eid ul zuha kyon manai jaati hai , ईद उल ज़ुहा क्यों मनाई जाती है, qurbani eid kyon manai jaati hai.


<image sex="nabi ibrahim-png" alt="Eid-ul-zuha-kyon-manai-jaati-hai">

Eid ul zuha kyon manai jaati hai


हेलो दोस्तों मेरा नाम है मेरा नाम है Sk Naim Ali  और मैं आपको कुछ ऐसी बातें बताने वाला हूँ eid ul zuha के बारे में जो सायद आपको मालूम नहीं है आज हम जानने वाले है की क्यों eid ul zuha मनाया जाता है,तो आइये जानते है।


जैसा की हमे मालूम है रमज़ान के पूरे महीने के बाद आता है eid ul fitr और उसके बाद आता है eid ul zuha जिसे eid al adha भी कहा जाता है जिसमे जानवरों की क़ुरबानी दी जाती है यही बात कुछ लोगों के मन में आता है की eid ul zuha में क्यों जानवरों की क़ुरबानी दी जाती है और ज्यादा तर गैर मुसलमान लोगों का यह सवाल होता है तो आइये जानते है।

अल्लाह के नबी इब्राहिम अलैहिस्सलाम का अल्लाह ने बहुत तरीको से इम्तिहान लिया था जिसमे से क़ुरबानी भी एक इम्तिहान ही था जिस इम्तिहान में नबी इब्राहिम अलैहिस्सलाम कामयाब भी हो गए बस वही से क़ुरबानी का सिलसिला चला आ रहा है , अल्लाह के नबी इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने एक बार ख़्वाब में देखा की उन्हें कोई  गैबी सख्स कहता है ऐ अल्लाह के नबी इब्राहीम अल्लाह का हुक्म है की तुम अपने बेटे को राहे अल्लाह में ज़िबह करदो , क्योंकि नबियों का ख्वाब कभी झूठा नही हो सकता और शैतान उनके ख्वाब तो क्या करीब भी नही आ सकते इसीलिए अल्लाह के नबी इब्राहिम अलैहिस्सलाम अपने बेटे  हज़रत इस्माइल अलैहिस्सलाम को अल्लाह के हुक्म के अनुसार अल्लाह के राह में क़ुर्बान करने को तैयार हो गए।


उस वक़्त हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम के एक ही सबसे प्यारे मेहबूब बेटे थे जिनका नाम नबी हज़रत इस्माइल अलैहिस्सलाम था,अल्लाह के हुक्म के अनुसार नबी इब्राहिम अलैहिस्सलाम अपने बेटे को अल्लाह के राह में ज़िबह करने को तैयार हो गए उस वक़्त हज़रत इस्माइल अलैहिस्सलाम की उम्र बहुत कम थी तो आप हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपने बेटे इस्माइल को कहा एक चाकू और रस्सी लेकर मेरे साथ चलो जब नबी इस्माइल अलैहिस्सलाम ने अपने पिता इब्राहिम अलैहिस्लाम से पूछा बाबा ये रस्सी और चाकू लेकर हम कहा जा रहे है तो हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने कहा हम आगे एक ज़िबह करने वाले है,और हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने कहा अल्लाह से मुझे हुक्म है की मैं तुम्हे राहे अल्लाह में ज़िबह करू बेटा क्या तुम राज़ी हो, तब अल्लाह के नबी इस्माइल अलैहिस्सलाम ने फरमाया बाबा  अल्लाह की मर्ज़ी है तो आप देर न करे जब अल्लाह मके तरफ से हुक्म हो गया है तो में सब्र रखूंगा इन्शाअल्लाह

अपने बेटे इस्माईलअलैहिस्सलाम के बात सुन कर हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम बहुत खुस हुए क्योंकि वह अल्लाह के राह में कुर्बान होने को तैयार थे, हज़रत इब्राहीन अलैहिस्सलाम ने जब अपने बेटे इस्माइल को माथे के बल लेटा कर अपने आंखों में पट्टी बांधकर बेटे के  गर्दन पर चाकू या छुरी चलाया धीरे से चाकू चलाने के बाद गर्दन नही कटी तो और ज़ोर से चलाया और गैबी आवाज़ आयी ऐ अल्लाह के नबी इब्राहिम तुम अल्लाह के हुक्म का तामील कर चुके जैसे ही हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अपने आंखों से पट्टी हटाई तो उन्होंने देखा जहाँ वह इस्माइल की ज़िबह कर रहे थे वहां पर एक दुम्बा ज़िबह हुआ पड़ा था और इस्माइल अलैहिस्सलाम उनके पास खड़े थे और इब्राहिम अलैहिस्लाम अल्लाह के इम्तिहान में पास हो गए और अल्लाह ने खुश होकर हलाल जानवरो को ज़िबह करने का हुक्म दे दिया जो की अब तक चली आ रही है और आगे भी चलेगी।


इस पोस्ट को अपने दोस्तों और फैमिली के साथ शेयर करे और हमारे इस ब्लॉग पेज को फॉलो करे सुक्रिया।



कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Please comment with respect, and you have a any suggestion please comment .