5G kya hai,5G ka kya faida hai,5G और 4G में क्या अंतर है। 5G vs 4G. - Reflexyouruff.com - All hindi me.

Breaking

Search

Translate

सोमवार, 6 जुलाई 2020

5G kya hai,5G ka kya faida hai,5G और 4G में क्या अंतर है। 5G vs 4G.

5G kya hai,5G ka kya faida hai,5G और 4G में क्या अंतर है। 5G vs 4G.

<image sec="5G-jpg" alt="5G-kya-hai-5G-ka-kya-faida-hai-5G-और-4G-में क्या-अंतर-है-5G-vs-4G.">

5G kya hai,5G ka kya faida hai,5G और 4G में क्या अंतर है। 5G vs 4G.


5G  के वजहसे चीन की दो companeys zte और huawei को US ने 30 जून को प्रतिबंध लगा दिया माना जा रहा है की चीन के इन दोनों company पर चीन के हाथों लगे 5G के वजहसे Us ने प्रतिबंध लगाया है,चीन इस वक़्त 5G को लेकर बहुत ही सक्रिय है और इस पर आगे बड़ता ही जा रहा है जिस बजह से दुनिया के कई देश 5G को लेकर चिंतित है, कई लोगों का कहना है की 5G लोगों के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकता है।


आइये जानते है 5G की सुरुआत कैसे हुई।

<image sec="5G-jpg" alt="5G-kya-hai-5G-ka-kya-faida-hai-5G-और-4G-में क्या-अंतर-है-5G-vs-4G.">

आइये जानते है 5G की सुरुआत कैसे हुई।


 80 के दसक में wireless selphone की सुरुआत हुई यह पहला wirless phone था इसीलिए यानी यह 1G कहलाया G का मतलब है generation इससे लोग दूर से ही एक दूसरे से बात किया करते थे लेकिन यह analog signals पर काम करती था, इसके बाद आया 2G लेकिन 1G के जैसे 2G analog singnals पर नही बल्कि digital signals को अपनाया जिससे अब phone के signals सुरक्षित थे और phone पर messeges भी भेजे जा सकते थे, टेलीकम्यूनिकेशन के साथ साथ इंटरनेट भी धीरे धीरे आने लगा,इंटरनेट की जरूरत को समझते हुए 21वी सदी में 3G का entry  हुआ 3G अच्छी खासी इंटरनेट की स्पीड देती थी मगर उसे और अच्छा बनाने के लिए इसे 4G से अपग्रेड किया गया ताकि इंटरनेट की स्पीड और बेहतर हो सके, लेकिन अब हम ऐसे दौर में खड़े है जहाँ 5G की बात हो रही है विसेसज्ञ के मुताबिक 5G की स्पीड 4G के मुकाबले 100 गुनी ज्यादा फ़ास्ट होगी, institute ऑफ एलेक्ट्रिनिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर के मुताबिक 4G से hig defination वाले movies download करने में 10 minut लगते थे लेकिन 5G से 1 second में download किया जा सकता है , मतलब इंटरनेट की स्पीड इतनी की पलकें झपकते ही काम पूरा।


5G से क्या हो सकता है फायदा।


इस दौर में कुछ ऐसी technolodgy को विकसित किया जा रहा है जो हमारे जीवन में बहुत काम आने वाली है या सायद भविस्य में हमारी जरूरत हो सकती है, जैसे autonomaus vehicles जो खुद ही बिना ड्राइवर के कहीभी जा सके, virtual reality जो आपके गेमिंग या वीडिओज़ के experience को और बेहतर बना सकता है,
और सबसे जरूरी जिसके लिए 5G को विकसित किया जा रहा है सुपर फ़ास्ट  इंटरनेट,जिसमे 5G की बेहद जरूरत होगी, क्योंकि अगर फ़ास्ट इंटरनेट होगा तो ही यह सब कुछ संभव है।


5G कैसे अलग है 4G से।


क्या है 5G में ऐसा की 4G से 100 गुना ज्यादा ताकतवर बनाती है इसे, 5G में 5 बहुत ही बड़ी technolodgy का इस्तेमाल किया गया है, आइये जानते है।

1. Millimeter vawes मतलब high frequency vawes यही है जो 5G को बेहद स्पीड देता है। जो पहले 4G,या 3G में इस्तेमाल नही किया गया है।

2.small sells 5G में जो high frequency vawes है यह ज्यादा दूर तक नही पहुंच सकती इसीलिए छोटे छोटे और ज्यादा टावर्स लगाई जाएगी ताकि इंटरनेट की कोई दिक्कत न हों जब 5G पूरी तरीके से फैल जाएगा तो हर 250 मीटर में small टावर लगाई जाएंगी, जो की बहुत ही छोटे होंगे जिन्हें buildings में आसानी से लगाया जा सकेगा।

3.Massive Mimo जो 5G के small टावर्स पर लगाई जाएंगी यह एक methoud है जिससे रेडियो एंटीना से एक साथ कई सिंगनल्स को manage किया जाता है इसका इस्तेमाल 4G में किया जाता है लेकिन 4G में करीब 12 एंटीना पोर्ट्स होते है,लेकिन 5G में करीब 100 एंटीना पोर्ट्स होंगे, लेकिन ज्यादा एंटीना के वजहसे से ज्यादा  सिंगनल्स होंगे जिससे प्रॉब्लम हो सकती है SIGNAL INTERFAIRENS की इसीलिए 5G के signal को अच्छे से work कराने के लिए इसमे 4th बड़ा बदलाव किया गया है।

4.Beamforming जब हम किसी तालाब में या नदी में पथ्थर मारते है तो उससे एक तरंग पैदा होता है और वह चारो तरफ बराबर तरीके से फैलता है,इसी तरह radio antina से भी ऐसा ही तरंग निकलता है जिसे frequency कहा जाता है,massiv mimo के साथ यह दिक्कत है की इसमे बहुत सारे antina पोर्ट्स है और इससे निकलने वाले बहुत सारे सिंगनल्स के interfairens को रोकना है, beamforming एक traffic signal system है जो signals को सही रास्ता दिखायेगा beamforming का एक और फायदा यह है की जो antina से निकलने वाली जो vawes कमजोर हो जाती है उसे किस एक direction में रखना ताकि नेटवर्क कमजोर ना पड़े ।

5.Full Duplex इसका इस्तेमाक सिंगनल्स का रास्ता double lane करने के लिए किया जाता हौ जो की आमतौर पर सिंगल lane होता है,basically sell tawars पर जी transricievers लगे होते है वो एक टाइम पर एक ही काम कर सकता है ,या टी उनसे signals जा सकता है या फिर आ सकता है, लेकिन full Duplex  जिससे एक ही टाइम पर सिग्नल जा भी सकती है और आ भी सकती है।

यह 5 बड़ी technolodgy है जिससे 4G से 5G ज्यादा सक्तिसलि बनता है।

यही एक चिंता अमेरिका के साथ साथ भारत समेत दुनिया के कई देशो को है क्योंकि इंटरनेट आज के समय में और भविस्य में डेटा बहुत बड़ा point है अगर china 5G दुनिया में फैलाने में सफल हो जाता है तो एक तरह से इंटरनेट पर china का control होगा जिससे दूसरे देशो को खतरा हो सकता है।





कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Please comment with respect, and you have a any suggestion please comment .