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मंगलवार, 21 जुलाई 2020

Tax kaise bachaye,टेक्स कैसे बचाये हिंदी में जाने।

Tax kaise bachaye,टेक्स कैसे बचाये हिंदी में जाने।

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दोस्तो अगर आप tax बचाना चाहते है और आप सोच रहे है कि कैसे tex बचाया जाए तो दोस्तों आज में आपको एक ऐसी पोस्ट के माध्याम से आपको समझाऊंगा की आप कैसे अपना tex बचा सकते है, 


यह पोस्ट मुझे बहुत ही पसंद आया इसीलिए मैं इस पोस्ट को आप लोगों के साथ शेयर कर रहा हूँ।


हर साल आप अपना आयकर रिटर्न भरते हैं। इस दौरान टैक्स बचाने की कोशिश भी करते होंगे, टैक्‍स बचाना भला कौन नहीं चाहेगा। आप भी अलग-अलग तरीकों से टैक्स बचाने का प्रयास करते होंगे। निवेश करके टैक्स बचाना की कोशिश करना काफी आम बात है।


अधिकतर लोग यह निवेश अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग के तहत फ्यूचर की सुरक्षा के लिए करते हैं। टैक्स बचाने की जब भी बात होती है तो सबसे पहले सेक्शन 80C का ख्याल आता है। लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे तरीके हैं, जिसके जरिए हम टैक्स बचा सकते हैं। तो चलि‍ए आपको बताते है कि आप कैसे टैक्स को बचा सकते हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के जरि‍ए

अगर आप 60 साल से कम हैं और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम दे रहे हैं तो आप 25000 रुपये तक पर टैक्स बचा सकते हैं।


इसके तहत आप खुद, पति या पत्नी और बच्चे का प्रीमियम दे सकते हैं। ये मेडिक्लेम हो सकता है, फैमिली फ्लोटर हो सकता है या फिर क्रिटिकल इलनेस हो सकता है। इसके तहत दिया गया प्रीमियम धारा 80डी के तहत डिडक्ट किया जाएगा। जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है, उन्हें 50 हजार रुपये तक पर टैक्स का फायदा मिलेगा। अगर टैक्स पेयर और उसके पैरेंट दोनों ही 60 साल से अधिक की उम्र के हैं तो 1 लाख रुपये तक पर टैक्स डिडक्शन का फायदा लिया जा सकता है।


होम लोन का दि‍या गया ब्याज


होम लोन की ईएमआई देने वालों को भी टैक्स में छूट का लाभ मिलता है। इसमें आपको धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक का डिडक्शन मिलता है। वहीं, ब्याज वाले हिस्से पर सेक्शन 24 के तहत 2 लाख रुपए तक की छूट मिलेगी। इन सब में इस बात का हालांकि ध्‍यान रहें कि टैक्स का फायदा सिर्फ तभी मिलेगा, जब लोन लेने की तारीख के बाद 5 साल के अंदर घर का पजेशन आपको मिल जाता है।


नेशनल पेंशन स्कीम


टैक्‍स बचाने का एक और बेहतरीन तरीका है, जी हां सरकार की नेशनल पेंशन स्कीम के जरि‍ए टैक्स सेविंग का एक अच्छा ऑप्शन है। इस पेंशन स्कीम में अगर आप पैसा लगाते हैं तो 80सीसीडी(1बी) के तहत 50 हजार रुपए तक का टैक्स डिडक्शन पा सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि ये डिडक्शन धारा 80सीसीडी(1) के तहत किए निवेश के बाद मिलेगा।


एजुकेशन लोन का भुगतान


बच्‍चों के पढ़ाई के ल‍िए हायर एजुकेशन के लिए कोई लोन लिया गया है तो उसके भुगतान में दिए गए ब्याज पर भी टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है। सेक्शन 80ई के तहत लोन पर लगने वाले ब्याज में आपको छूट मिलती है। ये छूट तुरंत आने वाले असेसमेंट ईयर और उसके बाद 7 असेसमेंट ईयर तक मिल सकती है या जब तक पूरे लोन की भरपाई ना हो जाए, जो भी पहले हो। ध्यान रहें कि आपने किसी मान्यता प्राप्त संस्था से लोन लिया होना चाहिए। तो एक तरह से आप कह सकते है कि एजुकेशन लोन बच्‍चों के साथ-साथ अभिभावकों के ल‍िए भी काफी फायदेमंद है।


जमा राशि से होने वाली कमाई


आपको बता दें कि आयकर की धारा 80टीटीबी के तहत जमा राशि से होने वाले ब्याज की कमाई पर टैक्स छूट मिलती है। धारा 80टीटीबी के तहत अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये प्रति साल है। यह सेक्शन वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 अप्रैल 2018 से उपलब्ध है। हालांकि, धारा 80टीटीए के तहत सेविंग अकाउंट के ब्याज से होने वाली कमाई पर मिलने वाला 10 हजार रुपये तक का डिडक्शन वरिष्ठ नागरिकों के लिए नहीं है।


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